BPL Full Form in Hindi




BPL Full Form in Hindi, BPL का Full Form क्या है, BPL क्या होता है, बी.पी.एल क्या है, BPL का पूरा नाम और हिंदी में क्या अर्थ होता है, ऐसे सभी सवालो के जबाब आपको इस Post में मिल जायेंगे.

BPL Full Form in Hindi - बी.पी.एल क्या होता है

BPL की फुल फॉर्म Below Poverty Line होती है. इसको हिंदी मे गरीबी रेखा से नीचे निर्धनता रेखा कहते है. BPL आर्थिक सहायता कमजोर लोगों और परिवारों को सरकारी सहायता की तत्काल आवश्यकता मे पहचानने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक आर्थिक Benchmark है. यह एक दहलीज आय को संदर्भित करता है. जिन लोगों की आय इस दहलीज आय से कम है उन्हें गरीब या गरीबी रेखा से नीचे माना जाता है.

BPL सेक्शन की मदद के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं शुरू की है ताकि खाद्य, आश्रय और कपड़े जैसी उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा सके. सी रंगराजन पूर्व रिज़र्व बैंक के गवर्नर की अध्यक्षता वाली एक समिति के मुताबिक भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 30% 2011-12 मे गरीबी मे रहता है

सरकार गरीबी रेखा से नीचे बीपीएल वर्गो की पहचान के लिए विभिन्न कार्य का उपयोग करती है. ये कार्य राज्य से राज्य मे भिन्न हो सकते है और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रो के लिए अलग हो सकते है. इसके अलावा विभिन्न देशो मे गरीबी रेखा को परिभाषित करने के लिए विभिन्न मानदंड और तरीके होते है जो की निम्नलिखित है जिनके के नाम आप नीचे देख सकते है.

  • House

  • Landholding

  • Food Security

  • Clothing

  • Consumer Durables

  • Status of Children

  • Literacy Status

  • Sanitation

BPL राशन कार्ड का लाभ क्या होता है

बीपीएल राशन कार्ड के भारत मे बहुत सारे लाभ होते है क्योंकि सरकार ने बीपीएल श्रेणी मे शामिल लोगो के लिए बहुत सी योजनाएं बनाई है. जो व्यक्ति गरीबी रेखा से नीचे आते है और जिनके पास बीपीएल राशन कार्ड है वह एएवाई योजना के तहत लाभ उठा सकते है.

इस योजना के अंतर्गत कुछ चयनित व्यक्तियो को बीपीएल राशन कार्ड दिए जाते है जो कुछ शर्तों को पूरी करते है वो इन व्यक्तियो के लिए बहुत फायदेमंद होता है. जिन लोगो के पास जमीन नही होती है बीपीएल राशन कार्ड द्वारा उन्हे हर माह 35 किलो चावल 3 रुपये की दर से दिए जाते है. चावल के साथ साथ उपभोकातो को गेहूं चीनी नमक तथा केरोसिन तेल दिए जाते है.

गरीबी को कैसे परिभाषित किया गया है

भारत में गरीबी रेखा को Defined करना हमेशा से ही एक विवादग्रस्त मुद्दा रहा है, विशेष रूप से 1970 के बीच में जब पहली बार इस तरह की गरीबी रेखा का निर्माण योजना आयोग द्वारा किया गया था, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्रमश एक वयस्क (Adult) के लिए 2,400 और 2,100 Calories की Minimum Daily Requirement को आधार बनाया गया था. DT लकड़ावाला और बाद में वाई के अलग जैसे अन्य दूसरे Economist समय-समय पर होने वाले गरीबी रेखा के सर्वेक्षण कार्य में शामिल रहे हैं.

अभी हाल ही में इसमें कुछ Modifications के साथ गरीब लोगों की अन्य Basic Requirements पर विचार किया गया, जिसमें आवास, वस्त्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वाहन, ईंधन, मनोरंजन, आदि शामिल था, ताकि इस प्रकार गरीबी रेखा की परिभाषा को और अधिक Realistic बनाया जा सके. यह कार्य UP Government के कार्यकाल के दौरान सुरेश तेंदुलकर ने 2009 और सी रंगराजन ने 2014 में किया.

तेंदुलकर समिति ने नए मानक तय किये जिसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 27 रूपये और शहरी क्षेत्रों में 33 रूपये प्रतिदिन खर्च करने वालों को गरीबी रेखा से ऊपर रखा गया, और इस Standard के अनुसार गरीबी रेखा वाली आबादी में 22 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई की गई. यह काफी विवादस्पद रहा, क्योंकि संख्याओं को वास्तविकता से परे माना गया. लेकिन बाद में रंगराजन समिति ने इस सीमा को बढा दिया जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 32 रूपये और शहरी क्षेत्रों में 47 रूपये प्रतिदिन खर्च करने वालों को गरीबी रेखा रसे बाहर रखा गया और गरीबी रेखा में 30 फीसदी गिरावट की बात कहीं गई.

BPL कार्ड से चिकित्सा में राहत

अगर बीपीएल कार्ड धारक किसी भी तरह की बिमारी से पीड़ित होता है तो वह अपने बीपीएल कार्ड की सहायता से किसी भी सरकारी हस्पताल में कम पैसों में इलाज करवा सकता है.

BPL कार्ड से शिक्षा में लाभ

बीपीएल कार्ड धारक को शिक्षा में बहुत अच्छा लाभ मिलता है. सरकार ने इन परिवारों के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए सरकारी शिक्षा संस्थानों में फीस में भी बहुत राहत दी है.

BPL कार्ड को बैंक लोन में सुविधा

BPL कार्ड धारक को बैंक लोन में बहुत अच्छी सुविधा दी गयी है. बीपीएल धारक किसी भी सरकारी बैंक से लोन प्राप्त कर सकता है जिसे वह अपने किसी भी निजी काम में उपयोग कर सकता है.

BPL राशन कार्ड पर मिलेगी फ्री दवा

दोस्तों अब केंद्र सरकार गरीबी रेखा से नीचे के लोगों BPL कार्ड धारक को उनके बीपीएल राशन कार्ड के जरिये मुफ्त दवा तथा Specialty Government Hospitals में जांच की सुविधा देने की तैयारी कर रही है. केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि हम ऐसे समाधान पर काम कर रहे हैं जिसके तहत BPL लोगों को उनके राशन कार्ड के आधार पर मुफ्त दवाएं और अन्य सुविधाएं मिल सकें.


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