DNS Full Form in Hindi




DNS Full Form in Hindi, DNS Full Form in Hindi, DNS का Full Form क्या है, DNS क्या होता है, DNS कैसे काम करता है, DNS का पूरा नाम और हिंदी में क्या अर्थ होता है, ऐसे सभी सवालों के जबाब आपको इस Post में मिल जायेंगे.

DNS Full Form in Hindi - DNS कैसे काम करता है

DNS की फुल फॉर्म Domain Name System होती है. यह एक एप्लिकेशन लेयर प्रोटोकॉल को परिभाषित करता है कि विभिन्न प्रणालियों पर चलने वाली एप्लिकेशन प्रक्रियाएं, संदेशों को एक-दूसरे को कैसे पास करती हैं. DNS एक निर्देशिका सेवा है जो नेटवर्क पर होस्ट के नाम और उसके संख्यात्मक पते के बीच एक मानचित्रण प्रदान करती है. अधिकतर इंटरनेट के कामकाज के लिए DNS की आवश्यकता होती है.

एक पेड़ में प्रत्येक नोड का एक डोमेन नाम होता है, और एक पूर्ण डोमेन नाम डॉट्स द्वारा निर्दिष्ट प्रतीकों का एक क्रम होता है. DNS एक ऐसी सेवा है जो डोमेन नाम को IP Addresses में Translate करती है. यह नेटवर्क के उपयोगकर्ताओं को IP Addresses को याद रखने के बजाय अन्य होस्ट की तलाश करते समय उपयोगकर्ता के अनुकूल नामों का उपयोग करने की अनुमति देता है.

उदाहरण के लिए - मान लीजिए कि Tutorialsroot पर FTP साइट पर 122.137.145.60 का IP पता था, ज्यादातर लोग ftp.tutorialsroot.com को निर्दिष्ट करके इस साइट तक पहुंचेंगे. इसलिए, IP Addresses की तुलना में डोमेन नाम अधिक विश्वसनीय होता है.

अगर आसान भाषा में कहा जाये तो DNS एक TCP, IP Protocol है जिसका उपयोग विभिन्न प्लेटफार्मों पर किया जाता है. Domain Name को तीन अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया गया है जैसे कि - Generic Domains, Country Domains और Inverse Domain

Type Of Domain Name

Domain Name बहुत से प्रकार के होते है. दोस्तों यहाँ पर हम आपको कुछ खास Domain Name के बारे में बताएँगे तो फिर आइये शुरू करते है.

Top Level Domains

अगर देखा जाये तो सभी अच्छे होते है लेकिन दोस्तों अगर Top Level Domains की बात की जाये तो यह सच में बहुत अच्छा Domain होता है. ये वो Part होता है जहाँ Domain Name खत्म होता है जैसे कि . Dot के बाद का Last Part. उदाहरण के लिए - मान लीजिए कि Tutorialsroot.com हमारी वेबसाइट है तो दोस्तों हम Tutorialsroot.com के बाद जो .com है उसकी बात कर रहे है. इसे सबसे पहले विकसित किया गया था. इस Domains की सबसे खास बात यह है इससे वेबसाइट बहुत जल्दी से रैंक करती है. क्योंकि दोस्तों यह बहुत ही ज्यादा SEO Friendly होता है.

  • com Commercial

  • .org Organization

  • .net Network

  • .gov Government

  • .edu Education

  • .name Name

  • .biz Business

  • .info Information

CCTLD – Country Code Top Level Domains

अब अगरCountry Code Top Level Domains की बात की जाये तो इस प्रकार के Domain का उपयोग आम तोर पे किसी Particular Country को नज़र में रखकर किया जाता है. इनकी सबसे कह बात यह है कि यह किसी Country के Two Letter ISO CODE के आधार पे Nominated होते है. उदहारण के तोर पे कुछ Important Domain Extension नीचे दिए है जिनको आप देख सकते है.

  • .us United States

  • .in India

  • .ch Switzerland

  • .cn China

  • .ru Russia

  • .br Brazil

DNS कैसे काम करता है

DNS Servers की मदद से DNS काम करता है. क्योंकि जब कोई उपयोगकर्ता वेब ब्राउज़र में डोमेन नाम दर्ज करता है, तो Request DNS सर्वर पर जाती है. DNS Server Look up Table का उपयोग करके IP Address को निर्धारित करता है. इसके बाद यह Proper Server के माध्यम से उपयोगकर्ता की वेब ब्राउज़र को अनुरोधित जानकारी भेजता है.

इसके अलावा, एक DNS सिस्टम का अपना नेटवर्क होता है. यदि एक DNS सर्वर को किसी विशेष डोमेन नाम का अनुवाद करने का तरीका नहीं पता होता है, तो वह दूसरे सर्वर से, फिर दूसरे सर्वर से, और इसी तरह, जब तक उन्हें सही IP Address नहीं मिल जाता है Request Send करता रहता है. एक DNS सर्वर अपने डोमेन नामों के साथ सभी IP Address की एक सूची रखता है जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुनर्प्राप्त किया जा सकता है.


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