SIP Full Form in Hindi




SIP Full Form in Hindi, SIP का Full Form क्या है, SIP क्या होता है, सिप क्या है, SIP का पूरा नाम और हिंदी में क्या अर्थ होता है, ऐसे सभी सवालो के जबाब आपको इस Post में मिल जायेंगे.

SIP Full Form in Hindi - सिप क्या होता है

SIP की फुल फॉर्म Systematic Investment Plan होती है. इसको हिंदी मे सेवा चयन बोर्ड कहते है. यह एक निवेश योजना है जिसमे आप प्री-डिफ़ाइंड नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड मे निश्चित राशि का निवेश करते है. यह आपको छोटी राशि का निवेश करके लंबे समय तक महत्वपूर्ण धन बनाने मे मदद करता है अगर सरल शब्दों मे कहें यह निवेश के प्रति एक योजनाबद्ध दृष्टिकोण है जो आपको भविष्य के लिए धन की बचत करने मे मदद करता है और बचत की आदत पैदा करता है. एक म्यूचुअल फंड मे निवेश का दूसरा तरीका एक बार निवेश है जिसे आम तौर पर एकमुश्त निवेश के रूप मे जाना जाता है.

SIP Investment मे आपके बैंक अकाउंट को म्यूचुअल फंड की SIP स्कीम से Link कर दिया जाता है और हर महीने की निश्चित तारीख को वह पैसा आपके बैंक अकाउंट से SIP स्कीम मे Transfer हो जाता है. इस तरह यह Invest करने का Authomated तरीका हैं ताकि आपकी Invest करने की आदत बन जाए और आपको इसके बारे में बार बार सोचना ना पड़े. जैसे अगर आप SBI की SIP स्कीम मे Rs.2000 रूपये से निवेश करते है तो हर महीने आपके बैंक अकाउंट से 2000 रूपये Deduct हो जायेंगे और SBI म्यूचुअल फंड मे Invest कर दिए जाएंगे.

SIP Investment Mutual Funds मे Invest करने का ही एक तरीका है. आप Mutual Funds मे या तो Lump Sum तरीके से निवेश कर सकते है या SIP के जरिये. Lump Sum निवेश मे आपको कब निवेश करना है कितना निवेश करना है और किस Mutual Funds मे निवेश करना है यह निर्णय लेना पड़ता है और इस सम्बन्ध मे Market Conditions का भी ध्यान रखना होता है. जबकि SIP मे आप निरंतर रूप से एक निश्चित राशि निवेश करते जाते है जिससे Long Term मे आपका जोखिम कम हो जाता है. SIP Mutual Funds मे निवेश करने की ही Scheme होती है.

SIP के फायदे

SIP के कई सारे फायदे है जैसे की टैक्स में छूट निवेश मे सरलता आदि पर इनके अलावा भी कुछ और फायदे है आइये जानते है SIP के क्या फायदे है.

  • छोटा निवेश - इसमे निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से एक निश्चित राशि का ही निवेश करना होता है. इसलिए अपनी दिनचर्या और खर्चों से निवेश के लिए राशि निकाल पाना बहुत ही आसान होता है. निश्चित अंतराल पर छोटी राशि को आप निरंतर रूप से लंबे समय तक निवेश करके एक बड़ी रकम प्राप्त कर सकते है.

  • निवेश करने में आसानी - सिप मे निवेश करना बहुत ही आसान होता है. इसके लिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है बस एक बार अपने Plan चुन लेने के बाद निश्चित तारीख को Mutual Fund आपके Accounts से राशि निकालकर आपके चुने हुए Plan मे जमा कर देता है. आपका Bank Account आपके सिप स्कीम वाले Account से Link होता है. जैसे आपका Plan है हर महीने 1000 रुपये निवेश का तो आपके बैंक अकाउंट से हर महीने 1000₹ SIP वाले Account मे Transfer कर दिए जाते है. उन भेजे गए रुपयो का इस्तेमाल Unit खरीदने मे किया जाता है जिससे आपको भविष्य मे फायदा होता है.

  • रिस्क मे कमी - सिप का सबसे बड़ा और मुख्य फायदा यह है की इसमें रिस्क काफी कम है. मान लीजिये की आप के पास पचास हजार रुपये शेयर बाजार में निवेश करने के लिए है. आपने उन रुपयो को एक साथ शेयर मे लगा दिया. अब आप नही जानते की अगले दिन बाजार ऊपर जाएगा अथवा नीचे. यह काफी रिस्क भरा सौदा होगा. यदि यही निवेश थोड़े थोड़े अंतराल मे बाँट दिया जाए तो रिस्क मे कमी आ जाती है. इस 50,000 रुपये को हम 5000 रुपये की 10 किश्तो के अंतराल मे जमा करके शेयर बाजार के नुकसान से खुद को बचा सकते है. ठीक इसी प्रकार सिप हमे बड़ी राशि एक साथ न लगाने की वजह छोटी राशि निवेश करके शेयर बाजार के नुकसानो से बचाता है.

  • टैक्स मे छूट - जब आप सिप मे निवेश करते है तो आपको राशि के निवेश करने या राशि निकालने पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता है. टैक्स की छूट देने वाली Schemes मे Lock in Period होता है जैसे की 3 वर्ष. आप इनमे निवेश करके टैक्स मे छूट पा सकते है.

  • SIP से पैसे निकालने की सुविधा - ज्यादात्तर SIP स्कीम मे कोई Lock in Period नहीं होता है. Investor अपनी जरूरत और लक्ष्य के अनुसार SIP मे निवेश को जारी रखने या बंद करने का निर्णय लेते है. इससे Investor को अच्छे Return के साथ साथ Advanced Liquidity की सुविधा मिलती है.


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