Internet Protocols क्या है




Hello Friends Tutorialsroot मे आपका स्वागत है आज हम आपको इस Post में Internet Protocols के बारे में बताने जा रहे है जिसमे आपको Internet Protocols के बारे में सीखने को मिलेगा हमे आशा है की पिछली बार की तरह इस बार भी आप हमारी Post को पसंद करेंगे. बहुत कम लोग ही जानते होंगे की Internet Protocols क्या है और इसका उपयोग कैसे और क्यों किया जाता है अगर आप इसके बारे में नही जानते तो कोई बात नहीं हम आपको इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी देंगे इसके लिए हमारी Post को शुरू से अंत तक ज़रुर पढ़े.

Internet Protocols क्या है

Internet Protocols

Internet Protocol एक Method या Protocol है जिसके द्वारा Data Internet पर एक Device से दूसरे Devices पर भेजा जाता है. Network से जुड़े हर Device का एक Unique IP Address होना चाहिए. आपके Device के Unique Address के बिना आप Network या Internet पर अन्‍य Devices, Users और Computer के साथ Communication नहीं कर सकते. IP Addresses Binary Value का बना हुआ होता है और Network या Internet पर सभी Data को Routing करता हैं.

Internet Protocol के Data को नीचे चित्र में दिखाया गया है.

जब IP Address को Design किया गया था तब IP Address एक 32 bit Number था तब इस सिस्टम को IPv4 कहा गया था. Internet की ग्रोथ की वजह से 32 bit Number System मे जो IP Addresses थे वो कम पड़ने लग गए तो Designers ने एक नया IP Address System Launch किया जिसको IPv6 कहा जाता है. लेकिन अभी भी IPV4 बहुत लोकप्रिय है लकिन यह Future मे यह IPV6 मे Convert हो जायेगा. नया IP system IPv6 128 Bit Address है एवं ये 1995 मे विकसित किया गया था.

  • Example of IPv4 address – 172.16.254.1

  • Example of IPv6 Address – 2001:db8:0:1234:0:567:8:1

IP version 4 (IPv4):-

Internet Protocol Version 4 (IPv4) यह Internet Protocol का 4 Version हैं इसे Network के Device की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता हैं. IPv4 Address 32 Bit लंबा होता हैं और यह 4,294,967,296 Addresses को Support करता हैं हालांकि इनमे से कई Special Purposes के लिए Reserved होता है जैसे कि 10.0.0.0 और 127.0.0.0. 192.168.0.1 यह एक IPv4 Address का एक सामान्य Example है सबसे आसानी से पहचाने जाने वाली IP Range 192.168.0.1 – 192.168.0.255 हैं क्योंकि इन Address को हम Home या Office पर उपयोग करते हैं.

IP version 6 (IPv6):

Internet Protocol Version 6 (IPv6) 128 Bits लंबा होता हैं. इसलिए यह 2 ^ 128 Internet Address को Support करता हें जैसे कि -

For Example -


340.282.366.920.938.000.000.000.000.000.000.000.000

Format of IP Address

यह 32 Bit के बाइनरी डिजिट से बनता है जो की कुछ 100110101010100.100110101 इस तरह का होता है जिस से इसको याद रखना मुश्किल हो जाता है. इसलिए इसको चार भागो मे बांटकर दशमलव लगाकर अलग-अलग कर दिया जाता है और हर भाग मे 0 से लेकर 255 अंक तक की संख्या हो सकती है. जैसे कि – 192.186.112.39

32 Bit होने के कारण यह सीमित हो गया है इसमे सिर्फ 4294967296 IP Address ही आ सकते है जो End होने के कगार पर है. इसलिए अब नए IP Address System (IPv4) की जरूरत पड़ गयी है जिसको विकसित कर लिया गया है जो 128 Bit का है जिसमे Unlimited IP Address बन सकते है और यह दिखने मे कुछ ऐसा है - 2102:db4:0:1134:0:367:1:2

Types of IP Address

IP Address दो प्रकार के होते है –

  • Private IP Addresses

  • Public IP Addresses

Private IP Addresses

जब कई Computer या Device या तो Cable के साथ या Wireless एक दूसरे से Connect होते है तब वे एक Private Network बनाते है. इस Network के भीतर प्रत्येक Device को Files और Resource को शेयर करने के लिए एक यूनिक IP Addresses असाइन किया जाता है. इस Network के सभी Device के IP Addresses को Private Addresses कहा जाता है.

Public IP Addresses

Public IP Addresses वह होता है जिसे Internet Service Provider देता हैं. इससे आपके होम नेटवर्क को बाहर की दुनिया मे पहचान मिलती है. यह IP Addresses पूरे Internet मे यूनिक होता है. Public IP Addresses Static या Dynamic हो सकता है. Static Public IP Address बदलता नही है और इसे मुख्य रूप से इंटरनेट पर किसी सर्विस जैसे आईपी कैमेरा, एफटीपी सर्वर, इमेल सर्वर को एक्‍सेस करने के लिए या कंप्‍यूटर का रिमोट एक्‍सेस लेने के लिए या वेब होस्टिंग के लिए उपयोग किया जाता है. इसे ISP से खरीदना पड़ना है.

Dynamic IP Addresses उपलब्ध IP Addresses को लेता है और हर बार Internet से Connect होने पर बदल जाता है. Maximum Internet User के पास उनके Computer के लिए Dynamic IP Addresses होता है जिसे Internet Disconnect करने पर काट दिया जाता है और Reconnect होने पर नया IP Addresses मिलता है.