Linux क्या है - What is Linux in Hindi




Hello Friends Tutorialsroot मे आपका स्वागत है आज हम आपको इस Post में Linux के बारे में बताने जा रहे है जिसमे आपको Linux के बारे में सीखने को मिलेगा हमे आशा है की पिछली बार की तरह इस बार भी आप हमारी Post को पसंद करेंगे. बहुत कम लोग ही जानते होंगे की Linux क्या है और इसका उपयोग कैसे और क्यों किया जाता है अगर आप इसके बारे में नही जानते तो कोई बात नहीं हम आपको इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी देंगे इसके लिए हमारी Post को शुरू से अंत तक ज़रुर पढ़े.

Linux क्या है - What is Linux in Hindi

Linux Unix Based Operating System है. हम सभी Microsoft Windows, Apple Mac OS, Ios, Foogle Android इत्यादि जैसे अन्य Operating System से परिचित हैं ऐसे ही Linux भी एक Operating System है. Linux World Wide Web पर उपलब्ध है. Linux के Easy to Use Version Red, Head, Coral and Mandrake Version जैसी कई Company बनाती है. Red Linux Popular Version है यह जो GNOME Desktop Environment के साथ आता है. GNOME काम करने में बहुत अच्छा होता है यह Pictures को Screen पर Display करने के लिए सहायता करता है.

Linux Operating System का Open Source Code है. Linux को कुछ Restrictions के साथ Copy, Modifi, Redistribute किया जा सकता है. Linux Open Source Code है इसलिए विभिन्न Network कि Personal जरूरतों को पूरा करने के लिए Operating System को Customize किया जा सकता है. Linux User में इतना Popular इसलिए है क्योंकि यह बहुत Flexibility है. Linux में Unix के जैसे Solid, Mature Operating System जैसा Advantages तो मिलता है और इसके वैसे भी बहुत फायदे है क्योकि या बिल्कुल FREE.

90 के दशक के बाद से Linux हमारे चारों ओर है. इसका उपयोग Wristwatches से Supercomputers तक किया जा सकता है. यह हमारे Phones, Laptops, PC, Cars और यहां तक कि Refrigerators में भी हर जगह है. यह Developers और सामान्य Computer Users के बीच बहुत Famous है.

Linux System के Components

Linux Operating System के मुख्य रूप से 5 Components होते हैं.

  • Kernel

  • System Libraries

  • System Tools

  • Development Tools

  • End User Tools

Kernel

Kernel Linux का Core Part होता है. यह उपकरणों और सॉफ्टवेयर के बीच संचार स्थापित करता है. इसके अलावा यह सिस्टम संसाधनों का प्रबंधन करता है. यह Operating System में हो रही सारी Major Activities के लिए Responsible होता है जैसे कि -

  • Device Management - एक System में CPU, Memory Device, Sound Cards, Graphic Card इत्यादि जैसे कई Device जुड़े होते है. एक Kernel Device Driver में सभी उपकरणों से संबंधित सभी Data Store करता है इस Kernel के बिना Device को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं होगा. इस प्रकार Kernel जानता है कि एक Device क्या कर सकता है और सर्वोत्तम प्रदर्शन लाने के लिए इसे कैसे कुशल बनाना है. यह सभी उपकरणों के बीच संचार का भी प्रबंधन करता है.

  • Memory Management - Kernel को Manage करने वाला एक अन्य Function Memory Management होता है. Kernel उपयोग और Unused Memory का Track रखता है और सुनिश्चित करता है कि प्रक्रियाओं को Virtual Memory Address का उपयोग करके एक-दूसरे के Data में हेरफेर नहीं होना चाहिए.

  • Process Management - Process Management Kernel में पर्याप्त समय आवंटित करता है और CPU को अन्य प्रक्रिया में संभालने से पहले प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देता है. यह सुरक्षा और स्वामित्व की जानकारी से भी संबंधित होता है

  • Handling System Calls - Handling System Calls का मतलब होता है कि Programmer एक प्रश्न लिख सकता है या Kernel से कार्य करने के लिए कह सकता है.

System Libraries

System Libraries में Special Programs होते है जो Kernel की सुविधाओं तक पहुंचने में मदद करते हैं. एक Kernel को कार्य करने के लिए Triggered किया जाना चाहिए और यह Triggering Applications द्वारा किया जाता है. लेकिन Applications को पता होना चाहिए कि System Call कैसे करें क्योंकि प्रत्येक Kernel में System Call का एक अलग सेट होता है. प्रोग्रामर ने कर्नेल के साथ संवाद करने के लिए प्रक्रियाओं की मानक पुस्तकालय विकसित की है. प्रत्येक ऑपरेटिंग सिस्टम इन मानकों का समर्थन करता है और फिर इन ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए सिस्टम कॉल में स्थानांतरित कर दिया जाता है. Linux के लिए सबसे प्रसिद्ध System Libraries glibc GNU C library है.

System Tools

Linux OS में Utility Tools का एक Set है जो आमतौर पर Simple Commands होते हैं. यह एक ऐसा Software है जो GNU Project ने अपने Open Source License के तहत लिखा और प्रकाशित किया है ताकि Software हर किसी के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध हो. इसमें Commands की सहायता से आप अपनी Files तक पहुंच सकते हैं और अपनी Directories या Files में Data को Edit और Efficiently रूप उपयोग कर सकते हैं और Files या किसी भी Object का स्थान बदल सकते हैं.

Development Tools

उपरोक्त तीन Components के साथ आपका OS चल जाता है और काम और काम करता रहता है. लेकिन अपने System को Update करने के लिए आपके पास Additional Tools और Libraries होनी चाहिये. ये Additional Tools और Libraries Programmers द्वारा लिखे गए हैं और उन्हें Tool Chain कहा जाता है. एक Tool Chain एक महत्वपूर्ण Development Tool है जो Developers द्वारा एक Working Application का उत्पादन करने के लिए उपयोग किया जाता है.

End User Tools

यह End Tools उपयोगकर्ता के लिए एक System Unique बनाते हैं. Operating System के लिए End Tools की कोई आवश्यकता नहीं होती है लेकिन यह उपयोगकर्ता के लिए जरूरी होती है.

Linux का इतिहास

Linux को Linus Torvalds ने सन 1991 में लिखना शुरू किया था. Linus Torvalds जब वो एक Helsinki University में Study कर रहे थे. Linus Torvalds ने विशेष रूप से अपने PC के लिए इस Program को लिखा क्योंकि यह Unix 386 Intel Computer का उपयोग करना चाहते थे लेकिन यह इसे Afford नहीं कर सका. सबसे पहले Linux को एक Free, Minix Operating System का Open Source Alternative के तोर पर बनाया गया था क्योकि या एक दूसरा Unix Clone था और जिसे मुख्य रूप से Academic Settings में Use किया जाता था.

आज के समय में सुपरकंप्यूटर, स्मार्ट फोन, डेस्कटॉप, वेब सर्वर, टैबलेट, लैपटॉप और वाशिंग मशीन, डीवीडी प्लेयर, राउटर, मोडेम, कार, रेफ्रिजरेटर आदि जैसे घरेलू उपकरण Linux OS का उपयोग करते हैं.

Linux के Basic Features

  • Multiuser Capability - Linux एक Multiuser System है जिसका मतलब है की Multiple Users एक ही समय में इसके सभी System Resources जैसे की Memory, Hard Disk आदि को उपयोग कर सकें. लेकिन इनको Operate करने के लिए विभिन्न Terminals का उपयोग करना होगा.

  • Multitasking - Linux एक Multitasking System है जिसका मतलब है की CPU Time को बुद्धिमानी से विभाजित करके एक से अधिक Function एक साथ किये जा सकते है .

  • Portability - Portability का मतलब यह नहीं है कि यह File Size में छोटा है या Pen Drives या Memory Cards में ले जाया जा सकता है. इसका मतलब है कि यह विभिन्न प्रकार के Hardware का समर्थन करता है.

  • Security - Linux तीन तरीकों से सुरक्षा प्रदान करता है Authenticating Password और Login ID को Assign करके, Authorization Read, Write और Execute करने की Permission Assign करके और Encryption File को एक Unreadable Format में Converts करता है.

  • Live CD/USB - Linux Distros Live CD/USB प्रदान करते हैं ताकि उपयोगकर्ता इसे Install किए बिना इसे चला सकें या कोशिश कर सकें.

  • Open Source - Linux Code सभी के लिए स्वतंत्र रूप से उपलब्ध है और यह एक Community Based Development Project है

  • File System - Linux Hierarchical File System प्रदान करता है जिसमें Files और Directories Arranged की जाती है.

  • Application support - Linux का अपना software Store है जहां से उपयोगकर्ता कई Applications Download और Install कर सकते है.

  • Support's customized keyboard - Linux पुरी दुनिया भर में उपयोग किया जाता है इसलिए यह विभिन्न भाषाओं के keyboard का समर्थन करता है.

  • Graphical User Interface (X Window system) - Linux Command Line आधारित OS है लेकिन इसे Package Installation के आधार पर GUI में परिवर्तित किया जा सकता है.

Useful Common Linux Commands

दोस्तों अगर आप Linux के बारे में कुछ नहीं जानते और आप इसको पहली बार उपयोग करने जा रहे हो तो आपको इसकी Commands के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है. लेकिन अगर इसकी Commands के बारे में कुछ नहीं जानते तो कोई बात नहीं यहाँ पर में इसकी कुछ खास Commands के बारे में आपको बता देता हूँ. तो चलिए शुरू करते है.

Commands Description

alias

इससे आप Complex Commands को Simpler में Converts कर सकते है.

cal

यह Calendar को Display करता है.

cat

यह एक Multi-function Command है. इससे आप File Content को स्क्रीन पर Display कर सकते हैं और इस Command से किसी भी Text Files को Copy और Combine कर सकते हैं.

cd

इससे आप Current Working Wirectory को बदल सकते हैं.

chage

इससे आप अपने Account के लिए एक समाप्ति तिथि सेट कर सकते हैं

chmod

यह Command File या Directory को Change करने की Permission देती है

chown

इससे आप File या Directory के owner को बदल सकते हैं.

cp

इससे आप File Content को एक File से दूसरी File में Copy कर सकते है

cut

इसे आप File से Desired Column को Display करने के लिए उपयोग कर सकते है,

date

इस Command का उपयोग Date, Time, Time Zone आदि को Display करने के लिए किया जाता है.

df

इस Command का उपयोग System में Disk Space की जांच करने के लिए किया जाता है.

echo

इस Command का उपयोग Terminal पर Type किए गए शब्द को Print करने के लिए किया जाता है.

exit

इस Command का उपयोग Current User Group से Last Group तक निकालने के लिए किया जाता है.

file

इस Command का उपयोग File के Type को Display करने के लिए किया जाता है.

find

इस Command का उपयोग एक Particular Search के लिए Files को Find करने के लिए किया जाता है.

gpasswd

इस Command का उपयोग किसी अन्य User को Group Membership Transfers करने के लिए किया जाता है.

grep

इस Command का उपयोग एक File में एक String को Search करने के लिए किया जाता है.

groupdel

इस Command का उपयोग एक Group को स्थायी रूप से Remove करने के लिए किया जाता है.

groupmod

इस Command का उपयोग Group का नाम Change करने के लिए किया जाता है.

head

इस Command का उपयोग File की पहली दस Lines को Display करने के लिए किया जाता है.

history

इस Command का उपयोग Shell Command History से Older Commands को Display करने के लिए किया जाता है.

HISTSIZE

इस Command का उपयोग Current Environment में Stored करने के लिए Commands की संख्या को निर्धारित करने के लिए किया जाता है.

HISTFILE

इस Command का उपयोग उस File को Display करने के लिए किया जाता है जिसमें History हो.

HISTFILESIZE

इस Command का उपयोग History File में रखे गए Commands के Number Set करने के लिए किया जाता है.

id

इस Command का उपयोग System में उपयोगकर्ता की ID के बारे में बताने के लिए किया जाता है.

less

इस Command का उपयोग Terminal की Width के अनुसार File Content को Display करने के लिए किया जाता है.

locate

इस Command का उपयोग Database में एक File को Searche करने के लिए किया जाता है.

ls

इस Command का उपयोग Directory की सभी Files को Listed करने के लिए किया जाता है.

man

इस Command का उपयोग Specified Command के लिए Manual Page को Display करने के लिए किया जाता है.

mkdir

इस Command का उपयोग Directory को Creates करने के लिए किया जाता है.

more

इस Command का उपयोग एक समय में एक Output Screen को Display करने के लिए किया जाता है.

mv

इस Command का उपयोग Directories या Files का नाम Renames करने के लिए किया जाता है.

od

इस Command का उपयोग Octal Format में एक File Content को Display करने के लिए किया जाता है.

passwd

इस Command का उपयोग उपयोगकर्ता समूह के लिए Password Set करने के लिए किया जाता है.

pwd

इस Command का उपयोग Current Working Directory Location को Display करने के लिए किया जाता है.

PS1

इस Command का उपयोग Terminal में Prompt Name Change करने के लिए किया जाता है.

rename

इस Command का उपयोग एक बार में एक से अधिक Files का नाम Change करने के लिए किया जाता है.

rm

इस Command का उपयोग एक File को Removes करने के लिए किया जाता है.

rmdir

इस Command का उपयोग एक Directory को Removes करने के लिए किया जाता है.

sleep

इस Command का उपयोग Specified Number के लिए Waits करने के लिए किया जाता है.

sort

इस Command का उपयोग Content को Alphabetical में sequential करने के लिए किया जाता है.

Computer Article in Hindi