Payment Gateway क्या है




Hello Friends Tutorialsroot मे आपका स्वागत है आज हम आपको इस Post में Payment Gateway के बारे में बताने जा रहे है जिसमे आपको Payment Gateway के बारे में सीखने को मिलेगा हमे आशा है की पिछली बार की तरह इस बार भी आप हमारी Post को पसंद करेंगे. बहुत कम लोग ही जानते होंगे की Payment Gateway क्या है और इसका उपयोग कैसे और क्यों किया जाता है अगर आप इसके बारे में नही जानते तो कोई बात नहीं हम आपको इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी देंगे इसके लिए हमारी Post को शुरू से अंत तक ज़रुर पढ़े.

Payment Gateway क्या है - Payment Gateway in Hindi

Payment Gateway

Payment Gateway एक E-commerce Service है जो Online और Mortar Stores के लिए Credit Card के Payment की प्रक्रिया करता है. Payment Gateway, Web-enabled Mobile Devices / Websites और Front End Processor / Bank जैसे Payment Portals के बीच महत्वपूर्ण जानकारी स्थानांतरित करके इन लेन-देन की सुविधा प्रदान करते हैं. E-commerce Transaction के Process में Payment Gateway महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जिससे व्यापारी और ग्राहक के बीच Payment की अनुमति मिलती है.

Popular Payment Gateway में PayPal, CC Avenue, PayU, EBS, VISA और Master Card शामिल होते हैं. Payment Processor लेनदेन और Data का विश्लेषण और Communications करता है हालांकि Payment Gateway Buyers और Sellers के बीच Fund Transfer को Authorized करता है.

Payment Gateway का काम Online Website/Portal और Bank के बीच जानकारी को साझा करके ऑनलाइन भुगतान को सफलतापूर्वक करना होता है. ये Bank और Merchant Website के बीच एक पुल का काम करते हैं. जैसे ही आप अपने Credit Card या Net Banking से भुगतान करते हैं तो ये Request Bank तक जाती है और Bank उस Payment को Approve करती है और सफलतापूर्वक भुगतान होने के बाद आप उस Website पर निर्देशित हो जाते हैं और भुगतान सफलतापूर्वक का संदेश आप देख सकते हैं.

Payment Gateway कैसे कार्य करता है

जब कोई Customer किसी Online Store से Order करता है तो Transaction को अंतिम रूप देने के लिए Payment Gateway कई कार्य करता है जैसे की -

  • Encryption

  • Authorization Request

  • Filling the Order

Encryption

Web Browser Data और विक्रेता के Web Server के बीच Data भेजने के लिए Encrypts करता है. Gateway तब Transaction Data को विक्रेता के अधिग्रहण Bank द्वारा उपयोग किए जाने वाले Payment Processor को भेजता है.

Authorization Request

Payment Processor एक Card Association को लेन-देन का Data Send करता है. Credit Card का Issuing Bank Authorization Request देखता है और यह उसे Approves या Denies करता है.

Filling the Order

Processor फिर व्यापारी और उपभोक्ता से Payment Gateway से संबंधित प्राधिकरण को आगे बढ़ाता है. एक बार Gateway इस प्रतिक्रिया को प्राप्त करने के बाद यह Payment संसाधित करने के लिए इसे Website/interface में भेजता है. यहां इसका अर्थ यह है कि यह उचित प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है. इससे यह प्रतीत होता है कि Complicated और Lengthy Process में आमतौर पर केवल कुछ सेकंड लगते हैं. इस बिंदु पर, व्यापारी आदेश भरता है.

Payment Gateway के अन्य कार्य

Payment Gateway सहायक Tool के साथ स्क्रीन ऑर्डर की भी सहायता करते हैं. यह Screening Process जहां तक संभव हो अधिक धोखाधड़ी को कम करता है. Gateway धोखाधड़ी Detection Tools में शामिल होते हैं.

  • Delivery Address Verification

  • AVS Checks

  • Computer Finger Printing Technology

  • Velocity Pattern Analysis

  • Identity Morphing Detection

  • Geolocation

Payment Gateway के फायदे

अगर आपकी कोई खरीदारी की वेबसाइट है या आप ऑनलाइन कोई सर्विस देते हैं तो ग्राहकों आपकी सर्विस Product को खरीद कर ऑनलाइन भुगतान कर सकें इसके लिए आपको भी Payment Gateway अपनी वेबसाइट पोर्टल मे लागू करना होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यही होता है की आप सीधे अपने बैंक खाता मे ग्राहक द्वारा Pay की गयी Money को प्राप्त कर सकते हैं. यह Fast, Secure और Easy होता है. अगर Security की दृष्टि से देखा जाए तो Payment Gateway काफी Secure होते हैं और सारी जानकारी Encrypted होती है और ग्राहकों की कोई भी जानकारी Leak नहीं होती.

Payment Gateway Fees Charges

Payment Gateway Service Free नहीं है इससे जब भी कोई Transaction किया जाता है तो Per Transaction ये Payment Gateway Service Providers उसका कुछ Percent Charge लेते हैं वो Charge 2% या 3% हो सकता है. मान लो किसी ग्राहक ने आपको 10,000 की Payment की तो उस 10,000 मे से 2-2.5% सीधे Payment Gateway की Fees मे चला जाएगा. Setup Fees और Annual Maintenance Fees आपको नहीं देनी पड़ती बस फिर Per Transaction मे से आपको Charge देना पड़ता है.